Tuesday, April 28, 2020
Monday, April 20, 2020
किसानों के लिए 10 सरकारी योजना
किसानों के लिए 10 सरकारी योजना
1. PM किसान सम्मान निधि योजना
लाभ :- किसानों का ₹6000 प्रति वर्ष देने का योजना
2. किसान पेंशन योजना (PM मानधन योजना )
लाभ :- 60 वर्ष आयु पूरा होने पर किसानों को ₹3000 प्रति महीना पेंशन
3. फसल बीमा योजना
लाभ:- फसल बर्बादी पर पैसे दिए जाते हैं
4. अल्प कालीन फसली ऋण योजना
लाभ :- फसल की बुवाई के लिए लोन की व्यवस्था
5. खेत तलाई अनुदान योजना
लाभ:- खेत तलाई निर्माण पर अनुदान दिया जाता है
6. सिंचाई पाइप लाइन अनुदान योजना
लाभ:- सिंचाई के लिए पाइप लाइन लगाने पर अनुदान दिया जाता है
7. डिग्गी अनुदान योजना
लाभ:- डिग्गी निर्माण पर अनुदान दिया जाता है
8. जल हौज अनुदान योजना
लाभ:- जल हौज निर्माण पर अनुदान दिया जाता है
Sunday, April 19, 2020
दिल्ली सरकार द्वारा दिए जाने वाले सहायता
दिल्ली सरकार द्वारा दिए जाने वाले सहायता
जिस किसी को राशन की जरुरत है जिनके पास राशन कार्ड नहीं है वो कृपया दिल्ली सरकार के इस लिंक पर जाकर request भेजे काफी असान है सिर्फ mobile number, नाम और पता लिखना है, लिंक यह है- https://epass.jantasamvad.org/epass/init/
Wednesday, April 15, 2020
बिहार से बाहर फंसे बिहारी के लिए बिहार सरकार 1000 का सहायता राशि दे रही ...
बिहार सरकार द्वारा दिए जाने वाले सहायता
मुख्यमंत्री राहत कोष , बिहार से आपदा प्रबंधन विभाग , बिहार पटना के माध्यम से मुख्यमंत्री विशेष सहायता अन्तर्गत बिहार से बाहर फसे लोगो को सहायता राशि रु.1000/ - दी जाएगी | इसे प्राप्त करने हेतू नीचे दिए गए लिंक से मोबाइल ऍप कोरोना सहायता बिहार[Bihar Corona Sahayata] डाउनलोड करे तथा अपने बारे में सूचना अंकित करें | http://aapda.bih.nic.in/(S(fhboflxjbgcuzyjt3nqzc3io))/Default.aspx
My WhatsApp Number 7717735937 Call भी कर सकते हैं
Monday, January 6, 2020
Door step of services
आज हम बात करेंगे दिल्ली सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजना Door step of services के बारे में
नमस्कार अविनाशी सोच में आपका स्वागत है इस ब्लॉग पर लेकर आते हैं राज्य सरकार और केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी यदि आप भी चाहते हैं सभी योजना के बारे में जानकारी रखें तो हमारे इस ब्लॉग को पढ़ें|
इस योजना के अंतर्गत अगर आप दिल्ली के रहने वाले हैं तो अब से आपको ड्राइविंग लाइसेंस जन्म प्रमाण पत्र या फिर जाति प्रमाण पत्र आदि जैसी सुविधाओं के लिए अब आपको किसी भी सरकारी दफ्तर के आगे लंबी-लंबी कतारो में लगे की कोई जरूरत नहीं है दिल्ली सरकार यह सभी सुविधाएं आप को अपने घर बैठे मुहैया करवाएगी|
असल में दिल्ली सरकार ने 10 सितंबर 2018 इस योजना की शुरुआत की थी जिसके अंतर्गत सबसे पहले 40 सेवाओं का होम डिलीवरी जैसे पिज़्ज़ा डिलीवरी होता है उसी तरह करवा रहे थे बाद में 20-20 आते-आते अब 100 सेवा की होम डिलीवरी करवा रही है इस सेवा का लाभ उठाना उतना ही आसान है जितना पिज़्ज़ा ऑर्डर करना आपको बस 1076 पर कॉल करना है और बोलना है हमें ड्राइविंग लाइसेंस जाति प्रमाण पत्र आदि बनवाने हैं सरकार का प्रतिनिधि रात को 09:00 बजे भी यदि आप बोलेंगे तो आपके घर पर आकर फॉर्म भरना डॉक्यूमेंट स्कैन करना फोटो खींचना इत्यादि सभी प्रोसेस करके चले जाएंगे उसके बाद बाय पोस्ट या एक्सक्यूटिव से आपके डॉक्यूमेंट की होम डिलीवरी हो जाएगी|
इसके लिए दिल्ली सरकार ने 11 डिस्ट्रिक्ट में 11 कॉल सेंटर बनाए है इस पूरी योजना का कॉन्ट्रैक्ट दिल्ली सरकार ने VFS Global नाम की कंपनी को दिया है साथ ही दिल्ली सरकार ने इस योजना को चलाने के लिए मोबाइल सहायक की भी नियुक्ति की गई है जो आपके घर से सीधे डॉक्यूमेंट उठाएंगे और उनके संबंधी विभाग में सबमिट करके आपका काम करा देंगे यहां तक बायोमेट्रिक डिटेल भी यह मोबाइल सहायक आपके घर पर ही ले लेंगे इस पूरी सुविधा मुहैया कराने के लिए कंपनी आपसे मात्र ₹50 चार्ज करेगी|
चलिए इसको थोड़ा आसानी से समझते हैं मान लीजिए आपको अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो आप 1076 पर आपको सुबह 9:00 बजे से शाम को 9:00 बजे के बीच में कॉल कर मोबाइल सहायक को अपने दिए गए टाइम के मुताबिक घर बुला सकते हैं मोबाइल सहायक ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी दस्तावेज आपसे कलेक्ट कर संबंधित विभाग में जमा करवा देगा इस सुविधा से आपको लंबी कतार में लगने से मुक्ति मिल जाएगी लेकिन हां ड्राइविंग टेस्ट तो आपको पास करना होगा और हां जैसे ही आपका ड्राइविंग टेस्ट पास होगा आपका ड्राइविंग लाइसेंस आपके घर पर स्पीड पोस्ट के द्वारा पहुंचा दिया जाएगा|
यह योजना दिल्ली सरकार के सबसे महत्वपूर्ण योजना है जिसका मकसद है लोगों को सरकार के पास आना ना पड़े सरकार लोगों के पास पहुंचे और उनका काम करवाएं इससे करप्शन भी काफी हद तक कम होगा और लोगों को सुविधा भी मिलेगी हां यदि आपको इस योजना से जुड़ी कोई भी शिकायत हो तो आप 1076 इसी नंबर पर शिकायत भी कर सकते हैं।
अभी तक देखा जाए तो यह योजना काफी सफल नजर आ रही है जहां तक इस योजना में काम होने के लगभग 92% संभावनाएं होती हैं जबकि ऑफलाइन या ऑनलाइन में एवरेशन 62% काम होने की संभावना रहती हैं तो दिल्ली वालों आप उठाओ इस योजना का लाभ मेरे हिसाब से यह योजना देश के हर एक राज्य में लागू होना चाहिए ताकि लोगों का समय पैसा बचे और साथ ही करप्शन भी कम हो|
ब्लॉक पढ़ने के लिए धन्यवाद हम इसी तरह के और रोचक योजना लेकर आएंगे
धन्यवाद
Saturday, January 4, 2020
प्रधानमंत्री जन धन योजना
प्रधानमंत्री जन धन योजना (संक्षेप में - पीएमजेडीवाई) भारत में वित्तीय समावेशन पर राष्ट्रीय मिशन है और जिसका उद्देश्य देश भर में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना और हर परिवार का बैंक खाता खोलना है।[2] इस योजना की घोषणा 15 अगस्त 2014 को तथा इसका शुभारंभ 28 अगस्त 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया।[3] इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री ने सभी बैंको को इ-मेल भेजा जिसमें उन्होंने 'हर परिवार के लिए बैंक खाता' को एक ‘राष्ट्रीय प्राथमिकता’ घोषित किया और सात करोड़ से भी अधिक परिवारों को इस योजना में प्रवेश देने और उनका खाता खोलने के लिए सभी बैंको को कमर कसने को कहा।[2]योजना के उद्घाटन के दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए
प्रथम चरण (15 अगस्त 2014 से 14 अगस्त 2015)
द्वितीय चरण (15 अगस्त 2015 से 15 अगस्त 2018)
- ड्राफ्ट खातों में चूक कवर करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना।
- सूक्ष्म बीमा
- स्वावलम्बन जैसी असंगठित क्षेत्र बीमा योजना।
इसके अतिरिक्त इस चरण में पर्वतीय, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस चरण में परिवार के शेष व्यस्क सदस्यों और विद्यार्थियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कार्ययोजना
- औसतन 3-4 गांवों के 1000-1500 परिवारों वाले देश के सभी ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों को सब-सर्विस एरिया (एसएसए) में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें पूर्वोत्तर/पर्वतीय राज्यों को छूट दी जाएगी।
- यह प्रस्ताव है कि अगले 3 वर्षों में प्रत्येक केंद्र की व्यवहार्यता को देखते हुए 2000 से अधिक आबादी वाले 74000 गांवों को स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत व्यापार प्रतिनिधियों द्वारा कवर किया जाएगा और ऐसे केंद्रों को पूर्ण शाखाओं के रूप में परिवर्तित करने पर विचार किया जाएगा जहां 1+1 / 1+2 कर्मचारी काम कर रहे हों।
- समूचे देश में सभी 6 लाख गांवों को सर्विस एरिया के साथ जोड़ा जाएगा, जिनमें प्रत्येक बैंक सब-सर्विस एरिया वाले 1000 से 1500 परिवारों की जरूरतें एक निश्चित बैंकिंग बिंदु से करेगा। यह प्रस्ताव है कि सब-सर्विस क्षेत्रों को बैंकिंग केंद्रों अर्थात् शाखा बैंकिंग और शाखा रहित बैंकिंग के जरिए कवर किया जाएगा। शाखा बैंकिंग का अर्थ है, ईंट गारे से बना परंपरागत शाखाएं। शाखा रहित बैंकिंग के अंतर्गत एक नियत बिंदु व्यापार प्रतिनिधि एजेंट की सेवाएं शामिल हैं जो बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक के प्रतिनिधि के रूप में काम करेगा।
- योजना की कार्यान्वयन नीति यह है कि वर्तमान बैंकिंग ढांचे का उपयोग किया जाए और सभी परिवारों को कवर करने के लिए उसका विस्तार भी किया जाए। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब तक कवर न हुए परिवारों के बैंक खाते खोलने के लिए मौजूदा बैंकिंग नेटवर्क को भलीभांति तैयार किया जाएगा। विस्तार कार्य के अंतर्गत 50000 अतिरिक्त व्यापार प्रतिनिधियों की व्यवस्था, 7000 से अधिक शाखाओं और 20000 से अधिक नए एटीएम भी पहले चरण के दौरान स्थापित करने का प्रस्ताव है।
- यह देखा गया था कि सुप्त खातों पर बैंकों की लागत अधिक आती है और लाभार्थियों को कोई लाभ नहीं होता। इस तरह बड़ी संख्या में खोले गए खातों के सुप्त पड़े रहने के पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए व्यापक योजना अनिवार्य है।
- अतः नए कार्यक्रम में सभी सरकारी लाभों (केंद्र/राज्य/स्थानीय निकाय) को बैंकों के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के तहत लाने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत एलपीजी योजना में डीबीटी फिर शामिल की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित महात्मा गांधी नरेगा कार्यक्रम को भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना में शामिल किए जाने की संभावना है।
- योजना के कार्यान्वयन में विभाग की सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता/समूह की सेवाएं ली जाएंगी।
- यह भी प्रस्ताव है कि कार्यक्रम को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर और प्रत्येक राज्य की राजधानी तथा सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ शुरू किया जाए।
- कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्टिंग/निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। विभिन्न पक्षों जैसे केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के विभागों, रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनपीसीआई और अन्य की भूमिकाओं को परिभाषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के व्यापार प्रतिनिधियों के रूप में ग्राम दल सेवकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है।
- दूर संचार विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह कनेक्टिविटी कम होने या न होने की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 5.93 लाख गांवों में से करीब 50000 दूर संचार सम्पर्क के अंतर्गत कवर नहीं किए गए हैं।
निष्पादन
28 अगस्त 2014 को योजना के उद्घाटन के दिन भारत भर में समस्त बैंकों द्वारा एक साथ लगभग 60,000 शिविर लगाए गए।[5] परिणामस्वरूप, योजना के पहले दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व अवसर को भारत के लिए "वित्तीय स्वतंत्रता दिवस" बताया।[4] 2 अक्तूबर 2014 तक पीएमजेडीवाई में 5.29 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 3.12 करोड़ और शहरी क्षेत्र के 2.17 करोड़ खाते शामिल हैं। 1.78 करोड़ खातों में रुपे कार्ड जारी किया गया।[6] केन्द्र शासित प्रदेश पुदुचेरी और चंडीगढ़ तथा गुजरात के मेहसाणा और पोरबंदर जिलों में बैंकिंग सुविधाओं के प्रावधान के साथ समस्त परिवारों को पीएमजेडीवाई में शामिल किया गया।[6]17 जनवरी 2018 तक 30.97 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं जिनमें 73689.72 करोड रुपये की धनराशि जमा है ।
Tuesday, December 31, 2019
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
- मुद्रा योजना में लोन लेने का यह है आसान तरीका
- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएं हैं.
- केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) शुरू की है. इसके तहत लोगों को अपना उद्यम (कारोबार) शुरू करने के लिए छोटी रकम का लोन दिया जाता है. यह योजना अप्रैल 2015 में शुरू हुई थी.
- सरकार की सोच यह है कि आसानी से लोन मिलने पर बड़े पैमाने पर लोग स्वरोजगार के लिए प्रेरित होंगे. इससे बड़ी संख्या में रोजगार के मौके भी बनेंगे. मुद्रा योजना से पहले तक छोटे उद्यम के लिए बैंक से लोन लेने में काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं. लोन लेने के लिए गारंटी भी देनी पड़ती थी. इस वजह से कई लोग उद्यम तो शुरू करना चाहते थे, लेकिन बैंक से लोन लेने से कतराते थे.
- क्या हैं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभ?
- मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है. इसके अलावा लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है. मुद्रा योजना में लोन चुकाने की अवधि को 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है. लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाला खर्च किया जा सकता है.
- कौन ले सकता है मुद्रा योजना के तहत लोन?
- कोई भी व्यक्ति जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता है, वह इस योजना के तहत लोन ले सकता है. अगर आप मौजूदा कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं और उसके लिए पैसे की जरूरत है तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं.
- क्या है मुद्रा योजना का मकसद?
- केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के दो उद्देश्य हैं. पहला, स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना. दूसरा, छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना. अगर आप भी अपना कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की समस्या का सामना कर रहे हैं तो केंद्र सरकार की इस पहल से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं.
- मुद्रा बैंक के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के हस्तक्षेप के तहत इसमें तीन श्रेणीयां है -शिशु ,किशोर और तरुण। ये तीनों श्रेणीयां लाभार्थियों को विकास और वृद्धि में मदद करेगी।मुद्रा बैंक के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैः
- 1. सूक्ष्म वित्त के ऋणदाता और कर्जगृहिता का नियमन और सूक्ष्म वित्त प्रणाली में नियमन और समावेशी भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए उसे स्थायित्व प्रदान करना।
- 2. सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (एमएफआई) और छोटे व्यापारियों, रिटेलर्स, स्वसहायता समूहों और व्यक्तियों को उधार देने वाली एजेंसियों को वित्त एवं उधार गतिविधियों में सहयोग देना।
- 3. सभी एमएफआई को रजिस्टर करना और पहली बार प्रदर्शन के स्तर (परफॉर्मंस रेटिंग) और अधिमान्यता की प्रणाली शुरू करना। इससे कर्ज लेने से पहले आकलन और उस एमएफआई तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जो उनकी जरूरतों को पूरी करते हो और जिसका पुराना रिकॉर्ड सबसे ज्यादा संतोषजनक है। इससे एमएफआई में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इसका फायदा कर्ज लेने वालों को मिलेगा।
- 4. कर्ज लेने वालों को ढांचागत दिशानिर्देश उपलब्ध कराना, जिन पर अमल करते हुए व्यापार में नाकामी से बचा जा सके या समय पर उचित कदम उठाए जा सके। डिफॉल्ट के केस में बकाया पैसे की वसूली के लिए किस स्वीकार्य प्रक्रिया या दिशानिर्देशों का पालन करना है, उसे बनाने में मुद्रा मदद करेगा।
- 5. मानकीकृत नियम-पत्र तैयार करना, जो भविष्य में सूक्ष्म व्यवसाय की रीढ़ बनेगा।
- 6. सूक्ष्य व्यवसायों को दिए जाने वाले कर्ज के लिए गारंटी देने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम बनाएगा।
- 7. वितरित की गई पूंजी की निगरानी, कर्ज लेने और देने की प्रक्रिया में मदद के लिए उचित तकनीक मुहैया कराएगा।
- 8. छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों को प्रभावी ढंग से छोटे कर्ज मुहैया कराने की प्रभावी प्रणाली विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उपयुक्त ढांचा तैयार करना।
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