एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपये का कौलेटरेल फ्री लोन दिया जाएगा. यह इस सेक्टर के लिए कुल लोन का 20 फीसदी होगा. यह लोन 4 साल के लिए होगा. इस पर एक साल का मोरेटोरियम होगा. इसका लाभ 45 लाख इकाइयों को मिलेगा. इसका फायदा यह है कि इसके लिए कोई गांरटी नहीं देनी होगी.
#MSME को 3 लाख करोड़ का लोन बिना गांरटी दिया जाएगा, इसका लाभ 31 अक्टूबर 2020 तक उठाया जा सकता है, सरकार के इस कदम…
25 करोड़ का लोन उन एमएसएमई को मिलेगा जिनका टर्नओवर 100 करोड़ है. सरकार फंड ऑफ फंड बनाएगी. इसका मकसद 50,000 करोड़ रुपये की इक्विटी की व्यवस्था एमएसएमई के लिए करना है. इस फंड ऑफ फंड का आकार 10000 करुड़ रुपये होगा. जो एमएसएमई विस्तार करना चाहते हैं उन्हें इस फंड ऑफ फंड से मदद मिलेगी.
*एमएसएमई की परिभाषा बदली*
वित्तमंत्री ने कहा कि एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव होगा. पहले एमएसएमई को चिंता रहती थी कि अगर उनका आकार बड़ा हो गया ता उन्हें कई छूट नहीं मिलेगी. अब एमएसएमई के लिए निवेश की सीमा बढ़ाई गई है. उनके टर्नओवर को भी बढाया गया है. एक करोड़ से कम निवेश करने वाले और 5 करोड़ टर्नओवर वाले को माइक्रो कहा जाएगा.
45 दिन में सभी बकाए का भुगतान होगा
एमएसएमई के लिए पांचवां कदम यह है कि सरकारी खरीद के लिए 200 करोड़ रुपये से कम के लिए ग्लोबल टेंडर नहीं होगा. इससे एमएसएमई को टेंडर में भाग लेने का मौका मिलेगा. सभी एमएसएमई के लिए ई-मार्केट लिंकेज शुरू होगा. उन्हें प्रदर्शनी में शामिल होने के उपाय किए जाएंगे. सरकार और सीपीएसई अगले 45 दिन में एमएसएमई के सभी बकाया का भुगतान कर देंगी.