Monday, January 6, 2020

Door step of services

आज हम बात करेंगे दिल्ली सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजना Door step of services के बारे में


नमस्कार अविनाशी सोच में आपका स्वागत है इस ब्लॉग पर लेकर आते हैं राज्य सरकार और केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी यदि आप भी चाहते हैं सभी योजना के बारे में जानकारी रखें तो  हमारे इस ब्लॉग  को पढ़ें|                    

इस योजना के अंतर्गत अगर आप दिल्ली के रहने वाले हैं तो अब से आपको ड्राइविंग लाइसेंस जन्म प्रमाण पत्र या फिर जाति प्रमाण पत्र आदि जैसी सुविधाओं के लिए अब आपको किसी भी सरकारी दफ्तर के आगे लंबी-लंबी कतारो में लगे की कोई जरूरत नहीं है दिल्ली सरकार यह सभी सुविधाएं आप को अपने घर बैठे मुहैया करवाएगी|

असल में  दिल्ली सरकार ने 10 सितंबर 2018 इस योजना की शुरुआत की  थी जिसके अंतर्गत सबसे पहले 40 सेवाओं का होम डिलीवरी जैसे पिज़्ज़ा डिलीवरी होता है उसी तरह करवा रहे थे बाद में 20-20 आते-आते अब 100  सेवा की होम डिलीवरी करवा रही है इस सेवा का लाभ उठाना उतना ही आसान है  जितना पिज़्ज़ा ऑर्डर करना  आपको बस 1076 पर कॉल करना है और बोलना है हमें ड्राइविंग लाइसेंस जाति प्रमाण पत्र आदि बनवाने हैं सरकार का प्रतिनिधि रात को 09:00 बजे भी यदि आप बोलेंगे तो आपके घर पर आकर फॉर्म भरना डॉक्यूमेंट स्कैन करना फोटो खींचना इत्यादि सभी प्रोसेस करके चले जाएंगे उसके बाद बाय पोस्ट या एक्सक्यूटिव से आपके डॉक्यूमेंट की होम डिलीवरी हो जाएगी|      

 इसके लिए दिल्ली सरकार ने 11 डिस्ट्रिक्ट में 11 कॉल सेंटर बनाए है इस पूरी योजना का कॉन्ट्रैक्ट दिल्ली सरकार ने VFS Global नाम की कंपनी को दिया है साथ ही दिल्ली सरकार ने इस योजना को चलाने के लिए मोबाइल सहायक की भी नियुक्ति की गई है  जो आपके घर से सीधे डॉक्यूमेंट उठाएंगे और उनके संबंधी विभाग में सबमिट करके आपका काम करा देंगे यहां तक बायोमेट्रिक डिटेल भी यह मोबाइल सहायक आपके घर पर ही ले लेंगे इस पूरी सुविधा मुहैया कराने के लिए कंपनी आपसे मात्र ₹50 चार्ज करेगी|                      
              
चलिए इसको थोड़ा आसानी से समझते हैं  मान लीजिए आपको अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो आप 1076 पर आपको सुबह 9:00 बजे से शाम को 9:00 बजे के बीच में कॉल कर  मोबाइल सहायक को अपने दिए गए टाइम के मुताबिक घर बुला सकते हैं मोबाइल सहायक ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी दस्तावेज आपसे कलेक्ट कर संबंधित विभाग में जमा करवा देगा इस सुविधा से आपको लंबी कतार में लगने से मुक्ति मिल जाएगी लेकिन हां ड्राइविंग टेस्ट तो आपको पास करना होगा और हां जैसे ही आपका ड्राइविंग टेस्ट पास होगा आपका ड्राइविंग लाइसेंस आपके घर पर स्पीड पोस्ट के द्वारा पहुंचा दिया जाएगा|

यह योजना दिल्ली सरकार के सबसे महत्वपूर्ण योजना है जिसका मकसद है लोगों को सरकार के पास आना ना पड़े सरकार लोगों के पास पहुंचे और उनका काम करवाएं इससे करप्शन भी काफी हद तक कम होगा और लोगों को सुविधा भी मिलेगी  हां यदि आपको इस योजना से जुड़ी कोई भी शिकायत हो तो आप 1076 इसी नंबर पर शिकायत भी कर सकते हैं।  

अभी तक देखा जाए तो यह योजना काफी सफल नजर आ रही है जहां तक इस योजना में काम होने के लगभग 92% संभावनाएं होती हैं जबकि ऑफलाइन या ऑनलाइन में एवरेशन 62% काम होने की संभावना रहती हैं तो दिल्ली वालों आप उठाओ इस योजना का लाभ मेरे हिसाब से यह योजना देश के हर एक राज्य में लागू होना चाहिए ताकि लोगों का समय पैसा बचे और साथ ही करप्शन भी कम हो|
 ब्लॉक पढ़ने के लिए धन्यवाद हम इसी तरह के और रोचक योजना लेकर आएंगे              
                                                                       धन्यवाद

Saturday, January 4, 2020

               प्रधानमंत्री जन धन योजना


प्रधानमंत्री जन धन योजना (संक्षेप में - पीएमजेडीवाई) भारत में वित्तीय समावेशन पर राष्‍ट्रीय मिशन है और जिसका उद्देश्‍य देश भर में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना और हर परिवार का बैंक खाता खोलना है।[2] इस योजना की घोषणा 15 अगस्त 2014 को तथा इसका शुभारंभ 28 अगस्त 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया।[3] इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री ने सभी बैंको को इ-मेल भेजा जिसमें उन्होंने 'हर परिवार के लिए बैंक खाता' को एक ‘राष्‍ट्रीय प्राथमिकता’ घोषित किया और सात करोड़ से भी अधिक परिवारों को इस योजना में प्रवेश देने और उनका खाता खोलने के लिए सभी बैंको को कमर कसने को कहा।[2]योजना के उद्घाटन के दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए
प्रथम चरण (15 अगस्त 2014 से 14 अगस्त 2015)

बैंकिंग सुविधाओं तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना।
जिन खातों से आधार कार्ड लिंक होगा उन्हें 6 महीने बाद रुपये 5000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा और रुपे डेबिट कार्ड और रुपे किसान कार्ड में अंतर्निहित 1 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ सुविधा प्रदान करना। साथ ही 15 अगस्त 2014 से 26 जनवरी 2015 के अंतराल में खाता खुलवाने पर 30,000 रुपय का अतिरिक्त बीमा कवर भी दिया जाएगा
वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम

द्वितीय चरण (15 अगस्त 2015 से 15 अगस्त 2018)

ड्राफ्ट खातों में चूक कवर करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना।
सूक्ष्म बीमा
स्वावलम्बन जैसी असंगठित क्षेत्र बीमा योजना।
इसके अतिरिक्त इस चरण में पर्वतीय, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस चरण में परिवार के शेष व्यस्क सदस्यों और विद्यार्थियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

                   कार्ययोजना

  • औसतन 3-4 गांवों के 1000-1500 परिवारों वाले देश के सभी ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों को सब-सर्विस एरिया (एसएसए) में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें पूर्वोत्तर/पर्वतीय राज्यों को छूट दी जाएगी।
  • यह प्रस्ताव है कि अगले 3 वर्षों में प्रत्येक केंद्र की व्यवहार्यता को देखते हुए 2000 से अधिक आबादी वाले 74000 गांवों को स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत व्यापार प्रतिनिधियों द्वारा कवर किया जाएगा और ऐसे केंद्रों को पूर्ण शाखाओं के रूप में परिवर्तित करने पर विचार किया जाएगा जहां 1+1 / 1+2 कर्मचारी काम कर रहे हों।
  • समूचे देश में सभी 6 लाख गांवों को सर्विस एरिया के साथ जोड़ा जाएगा, जिनमें प्रत्येक बैंक सब-सर्विस एरिया वाले 1000 से 1500 परिवारों की जरूरतें एक निश्चित बैंकिंग बिंदु से करेगा। यह प्रस्ताव है कि सब-सर्विस क्षेत्रों को बैंकिंग केंद्रों अर्थात् शाखा बैंकिंग और शाखा रहित बैंकिंग के जरिए कवर किया जाएगा। शाखा बैंकिंग का अर्थ है, ईंट गारे से बना परंपरागत शाखाएं। शाखा रहित बैंकिंग के अंतर्गत एक नियत बिंदु व्यापार प्रतिनिधि एजेंट की सेवाएं शामिल हैं जो बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक के प्रतिनिधि के रूप में काम करेगा।
  • योजना की कार्यान्वयन नीति यह है कि वर्तमान बैंकिंग ढांचे का उपयोग किया जाए और सभी परिवारों को कवर करने के लिए उसका विस्तार भी किया जाए। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब तक कवर न हुए परिवारों के बैंक खाते खोलने के लिए मौजूदा बैंकिंग नेटवर्क को भलीभांति तैयार किया जाएगा। विस्तार कार्य के अंतर्गत 50000 अतिरिक्त व्यापार प्रतिनिधियों की व्यवस्था, 7000 से अधिक शाखाओं और 20000 से अधिक नए एटीएम भी पहले चरण के दौरान स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  • यह देखा गया था कि सुप्त खातों पर बैंकों की लागत अधिक आती है और लाभार्थियों को कोई लाभ नहीं होता। इस तरह बड़ी संख्या में खोले गए खातों के सुप्त पड़े रहने के पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए व्यापक योजना अनिवार्य है।
  • अतः नए कार्यक्रम में सभी सरकारी लाभों (केंद्र/राज्य/स्थानीय निकाय) को बैंकों के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के तहत लाने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत एलपीजी योजना में डीबीटी फिर शामिल की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित महात्मा गांधी नरेगा कार्यक्रम को भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना में शामिल किए जाने की संभावना है।
  • योजना के कार्यान्वयन में विभाग की सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता/समूह की सेवाएं ली जाएंगी।
  • यह भी प्रस्ताव है कि कार्यक्रम को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर और प्रत्येक राज्य की राजधानी तथा सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ शुरू किया जाए।
  • कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्टिंग/निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। विभिन्न पक्षों जैसे केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के विभागों, रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनपीसीआई और अन्य की भूमिकाओं को परिभाषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के व्यापार प्रतिनिधियों के रूप में ग्राम दल सेवकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है।
  • दूर संचार विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह कनेक्टिविटी कम होने या न होने की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 5.93 लाख गांवों में से करीब 50000 दूर संचार सम्पर्क के अंतर्गत कवर नहीं किए गए हैं।   

निष्पादन

28 अगस्त 2014 को योजना के उद्घाटन के दिन भारत भर में समस्त बैंकों द्वारा एक साथ लगभग 60,000 शिविर लगाए गए।[5] परिणामस्वरूप, योजना के पहले दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व अवसर को भारत के लिए "वित्तीय स्वतंत्रता दिवस" बताया।[4] 2 अक्तूबर 2014 तक पीएमजेडीवाई में 5.29 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 3.12 करोड़ और शहरी क्षेत्र के 2.17 करोड़ खाते शामिल हैं। 1.78 करोड़ खातों में रुपे कार्ड जारी किया गया।[6] केन्द्र शासित प्रदेश पुदुचेरी और चंडीगढ़ तथा गुजरात के मेहसाणा और पोरबंदर जिलों में बैंकिंग सुविधाओं के प्रावधान के साथ समस्त परिवारों को पीएमजेडीवाई में शामिल किया गया।[6]17 जनवरी 2018 तक 30.97 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं जिनमें 73689.72 करोड रुपये की धनराशि जमा है ।